TMC defers Mamata-led MLAs' meeting after majority skip amid Abhishek, Kalyan Banerjee attack row

टीएमसी ने ममता के नेतृत्व वाली विधायकों की बैठक स्थगित की, अभिषेक और कल्याण बनर्जी पर हमले के मामले में अधिकांश विधायक अनुपस्थित

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की एक महत्वपूर्ण बैठक स्थगित कर दी गई है, जब पार्टी के लगभग तीन-चौथाई विधायक अनुपस्थित रहे। यह घटना अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए कथित हमलों के बाद हुई है। पार्टी ने राज्य भर में रैलियों और कोलकाता में एक धरने की घोषणा की है, जो चुनाव के बाद हिंसा और अवैध कब्जे के खिलाफ है। टीएमसी ने आरोप लगाया है कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के खिलाफ "आतंक" फैला रही है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों का खंडन किया है और स्थानीय लोगों के गुस्से को इसका कारण बताया है।

बैठक में अनुपस्थिति और इसके कारण

टीएमसी के 80 में से लगभग 60 विधायक इस महत्वपूर्ण बैठक में अनुपस्थित रहे, जो ममता बनर्जी की अध्यक्षता में आयोजित की जानी थी। यह अनुपस्थिति कथित तौर पर अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों के बाद हुई है, जो टीएमसी के शीर्ष नेताओं में से हैं। इस घटना ने पार्टी के भीतर तनाव बढ़ा दिया है और कई विधायकों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

भाजपा पर आरोप और खंडन

टीएमसी ने आरोप लगाया है कि भाजपा चुनाव के बाद हिंसा और अवैध कब्जे के पीछे है, जिसमें कई टीएमसी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के खिलाफ "आतंक" फैला रही है, जो टीएमसी कार्यकर्ताओं को डराने और उन्हें अपने समर्थन से वापस लेने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि यह स्थानीय लोगों के गुस्से का परिणाम है, जो टीएमसी के शासन से असंतुष्ट हैं।

राज्य भर में रैलियों और धरने की घोषणा

टीएमसी ने राज्य भर में रैलियों और कोलकाता में एक धरने की घोषणा की है, जो चुनाव के बाद हिंसा और अवैध कब्जे के खिलाफ है। पार्टी ने कहा है कि यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक कि भाजपा द्वारा कथित तौर पर समर्थित हिंसा और अवैध कब्जे को रोकने के लिए कार्रवाई नहीं की जाती। टीएमसी ने यह भी कहा है कि वह इस मुद्दे को लेकर राज्य भर में जन जागरूकता अभियान चलाएगी और लोगों को भाजपा के "आतंक" के खिलाफ एकजुट होने के लिए प्रेरित करेगी।

निष्कर्ष

टीएमसी की बैठक में अनुपस्थिति और भाजपा पर लगे आरोपों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक新的 तनाव को जन्म दिया है। टीएमसी की रैलियों और धरने की घोषणा से यह स्पष्ट है कि पार्टी इस मुद्दे पर लड़ने के लिए तैयार है। हालांकि, भाजपा के खंडन और स्थानीय लोगों के गुस्से के दावे ने इस मामले को और जटिल बना दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला आगे कैसे बढ़ता है और इसका पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है।


संपादक जम्पर मीडिया (Jumper Media).

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