"Wife Was Shouting, He Was Crying": Family Of Delhi Judge Who Died By Suicide

दिल्ली के न्यायाधीश की आत्महत्या : परिवार का दावा, उन्हें परेशान किया जा रहा था

दिल्ली के एक न्यायाधीश की आत्महत्या के मामले में उनके परिवार ने बड़ा दावा किया है। परिवार का कहना है कि न्यायाधीश को आत्महत्या से पहले कई दिनों तक परेशान किया जा रहा था और उन्होंने इसकी शिकायत भी की थी।

परिवार के अनुसार, न्यायाधीश को तनाव था

न्यायाधीश के परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे पिछले कुछ दिनों से तनाव में थे। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने उन्हें बताया था कि उन्हें कुछ लोगों द्वारा परेशान किया जा रहा है और उन्हें धमकियां मिल रही हैं। परिवार के अनुसार, न्यायाधीश ने उन्हें यह भी बताया था कि वे अपने काम के दबाव से भी जूझ रहे थे।

पत्नी का बयान, पति रो रहे थे

न्यायाधीश की पत्नी ने बताया कि उनके पति पिछले कुछ दिनों से बहुत परेशान थे। उन्होंने कहा कि वे रात में सो नहीं पा रहे थे और उन्हें कई बार रोते हुए देखा गया था। पत्नी ने यह भी बताया कि उनके पति ने उन्हें बताया था कि वे अपने काम के दबाव से नहीं निपट पा रहे हैं और उन्हें लगता है कि वे अपने परिवार को नहीं संभाल पा रहे हैं।

परिवार की मांग, जांच हो

न्यायाधीश के परिवार ने मांग की है कि उनकी मौत की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि पता लगाया जाए कि उनके पति को किसने परेशान किया था और उन्हें क्यों आत्महत्या करनी पड़ी। परिवार ने यह भी मांग की है कि न्यायाधीशों के लिए काम के दबाव को कम करने के लिए कदम उठाए जाएं।

न्यायपालिका में तनाव की समस्या

न्यायाधीश की आत्महत्या के मामले ने न्यायपालिका में तनाव की समस्या को उजागर किया है। कई न्यायाधीशों ने बताया है कि वे अपने काम के दबाव से जूझ रहे हैं और उन्हें अक्सर धमकियां मिलती हैं। न्यायपालिका में तनाव की समस्या को दूर करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है।

सरकार की प्रतिक्रिया

न्यायाधीश की आत्महत्या के मामले में सरकार ने कहा है कि वे इस मामले की जांच करेंगे। सरकार ने यह भी कहा है कि वे न्यायाधीशों के लिए काम के दबाव को कम करने के लिए कदम उठाएंगे। सरकार को न्यायपालिका में तनाव की समस्या को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

निष्कर्ष

न्यायाधीश की आत्महत्या के मामले ने न्यायपालिका में तनाव की समस्या को उजागर किया है। परिवार के अनुसार, न्यायाधीश को आत्महत्या से पहले कई दिनों तक परेशान किया जा रहा था और उन्होंने इसकी शिकायत भी की थी। सरकार को इस मामले की जांच करनी चाहिए और न्यायाधीशों के लिए काम के दबाव को कम करने के लिए कदम उठाने चाहिए।


संपादक जम्पर मीडिया (Jumper Media).

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