स्विस मिस: वैन्स ने ईरान वार्ता के लिए यात्रा रद्द की क्योंकि आलोचक इस्राइल को छोड़ने पर अमेरिका को लेकर परमाणु हो गए
वाशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकेन ने स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ वार्ता के लिए अपनी यात्रा रद्द कर दी है, जो कि इस्राइल के साथ अमेरिकी संबंधों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच है। यह निर्णय आलोचकों द्वारा इस्राइल को छोड़ने और ईरान के साथ समझौता करने के लिए अमेरिका की आलोचना के बीच आया है।
विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकेन ने कहा कि उन्होंने स्विट्जरलैंड की यात्रा रद्द करने का फैसला किया है क्योंकि वह इस्राइल के साथ अमेरिकी संबंधों को प्राथमिकता देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस्राइल के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और वह ईरान के साथ वार्ता में इस्राइल के हितों की रक्षा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
आलोचकों की प्रतिक्रिया
इस्राइल के समर्थकों और आलोचकों ने अमेरिका के इस फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस्राइल को छोड़कर ईरान के साथ समझौता करने की कोशिश कर रहा है, जो कि इस्राइल के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस्राइल के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए अधिक प्रयास करना चाहिए, न कि ईरान के साथ समझौता करने की कोशिश करनी चाहिए।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने भी अमेरिका के इस फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस्राइल के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए अधिक प्रयास करना चाहिए, न कि ईरान के साथ समझौता करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्राइल की सुरक्षा और अस्तित्व को खतरा है और अमेरिका को इस्राइल के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए अधिक प्रयास करना चाहिए।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया है। ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावद ज़रीफ ने कहा कि अमेरिका का यह फैसला एक सकारात्मक कदम है और यह दोनों देशों के बीच वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ वार्ता में अपने हितों की रक्षा करने के लिए तैयार है और वह अमेरिका के साथ समझौता करने की कोशिश करेगा।
ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने भी अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का यह फैसला एक सकारात्मक कदम है और यह दोनों देशों के बीच वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ वार्ता में अपने हितों की रक्षा करने के लिए तैयार है और वह अमेरिका के साथ समझौता करने की कोशिश करेगा।
निष्कर्ष
अमेरिका का यह फैसला इस्राइल और ईरान के बीच के संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ है। आलोचकों का कहना है कि अमेरिका इस्राइल को छोड़कर ईरान के साथ समझौता करने की कोशिश कर रहा है, जो कि इस्राइल के लिए खतरनाक हो सकता है। लेकिन ईरान ने अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि यह दोनों देशों के बीच वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता आगे कैसे बढ़ती है और इसका इस्राइल पर क्या प्रभाव पड़ता है।
संपादक जम्पर मीडिया (Jumper Media).
0 टिप्पणियाँ