‘Not necessary to humiliate me by arrest’: Pawan Khera in SC amid passport row case

पासपोर्ट विवाद: पवन खेरा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, 'मुझे गिरफ्तार करके अपमानित करना आवश्यक नहीं'

दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, कांग्रेस नेता पवन खेरा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने अपने पासपोर्ट को जब्त करने के आदेश को चुनौती दी है। खेरा ने तर्क दिया है कि उन्हें गिरफ्तार करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे पहले से ही जांच में सहयोग कर रहे हैं।

पासपोर्ट विवाद: क्या है पूरा मामला?

पवन खेरा पर आरोप है कि उन्होंने अपने पासपोर्ट में गलत जानकारी दी थी, जिसके कारण उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया था। खेरा ने तर्क दिया है कि उन्होंने जानबूझकर कोई गलत जानकारी नहीं दी थी और उन्हें अपने पासपोर्ट को वापस दिलाने के लिए न्यायालय से राहत चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, खेरा के वकील ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को गिरफ्तार करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे पहले से ही जांच में सहयोग कर रहे हैं। वकील ने कहा कि खेरा ने अपने पासपोर्ट को जब्त करने के आदेश को चुनौती दी है और उन्हें अपने पासपोर्ट को वापस दिलाने के लिए न्यायालय से राहत चाहिए।

न्यायालय का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने खेरा की याचिका पर सुनवाई के बाद, फैसला सुरक्षित रख लिया है। न्यायालय ने कहा कि वे जल्द ही इस मामले में फैसला सुनाएंगे। खेरा के वकील ने कहा कि वे न्यायालय के फैसले का सम्मान करेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो वे आगे की कार्रवाई करेंगे।

कांग्रेस पार्टी का समर्थन

कांग्रेस पार्टी ने खेरा का समर्थन किया है और कहा है कि वे उनके साथ खड़े हैं। पार्टी के नेताओं ने कहा कि खेरा ने कोई गलत काम नहीं किया है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने खेरा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने पासपोर्ट में गलत जानकारी दी थी और उन्हें इसके लिए जवाबदेह होना चाहिए। विपक्षी दलों ने कहा कि खेरा को अपने कृत्यों के लिए माफी मांगनी चाहिए और उन्हें न्याय का सामना करना चाहिए।

निष्कर्ष

पवन खेरा का पासपोर्ट विवाद एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जिसमें राजनीतिक दलों के बीच आरोप-P्रत्यारोप का दौर चल रहा है। खेरा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने अपने पासपोर्ट को जब्त करने के आदेश को चुनौती दी है। न्यायालय का फैसला इस मामले में महत्वपूर्ण होगा, जो खेरा के भविष्य को तय करेगा।


संपादक जम्पर मीडिया (Jumper Media).

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