अहमदाबाद पुलिस ने 39 लाख रुपये की बैन की गई करेंसी के आदान-प्रदान के प्रयास को विफल किया
अहमदाबाद की रामोल पुलिस ने एक बड़े अवैध परिवहन को सफलतापूर्वक रोका, जिसमें दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया जो 39 लाख रुपये के मूल्य वाले 500-रुपये के नोटों के एक बड़े कैश के साथ पकड़े गए थे। यह ऑपरेशन रामोल पुलिस स्टेशन के अधिकारियों द्वारा किया गया था, जिन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी के आधार पर कार्रवाई की थी।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति के बारे में सूचना मिली थी, जो शहर में बैन की गई करेंसी का आदान-प्रदान करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने के लिए एक टीम बनाई। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को शहर के एक होटल में पकड़ा, जहां वह बैन की गई करेंसी का आदान-प्रदान करने की कोशिश कर रहा था।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों की पहचान राजेश पटेल और रोहन शाह के रूप में हुई है। दोनों व्यक्ति अहमदाबाद के निवासी हैं और उन पर बैन की गई करेंसी का आदान-प्रदान करने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि दोनों व्यक्तियों के पास से 39 लाख रुपये के मूल्य वाले 500-रुपये के नोट बरामद किए गए हैं।
पुलिस की जांच
पुलिस ने बताया कि वे इस मामले में आगे की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह बैन की गई करेंसी कहां से आई है। पुलिस ने बताया कि वे इस मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करने की उम्मीद है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बैन की गई करेंसी का आदान-प्रदान करने से बचें और यदि उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने बताया कि वे बैन की गई करेंसी का आदान-प्रदान करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करेंगे।
निष्कर्ष
अहमदाबाद पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस बैन की गई करेंसी का आदान-प्रदान करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बैन की गई करेंसी का आदान-प्रदान करने से बचें और यदि उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
संपादक जम्पर मीडिया (Jumper Media).
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