नो डील तक... : अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर भारत ने तय की लाल रेखा
नई दिल्ली, 20 मार्च 2023। अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते की बातचीत जारी है, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा जब तक कि उसकी मांगें पूरी नहीं होतीं। यह जानकारी एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने दी है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत पिछले कई वर्षों से जारी है, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। अमेरिका भारत से अपने उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहता है, लेकिन भारत अपने कृषि और सेवा क्षेत्रों की रक्षा करना चाहता है।
भारत की मांगें
भारत ने अमेरिका के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
कृषि उत्पादों पर ड्यूटी में कटौती: भारत चाहता है कि अमेरिका अपने यहां कृषि उत्पादों पर लगने वाली ड्यूटी में कटौती करे, ताकि भारतीय किसानों को अपने उत्पादों का निर्यात करने में आसानी हो।
सेवा क्षेत्र में बढ़ावा: भारत चाहता है कि अमेरिका अपने यहां सेवा क्षेत्र में भारतीय कंपनियों को बढ़ावा दे, ताकि वे अपने उत्पादों और सेवाओं का निर्यात कर सकें।
पेटेंट और कॉपीराइट कानूनों में सुधार: भारत चाहता है कि अमेरिका अपने पेटेंट और कॉपीराइट कानूनों में सुधार करे, ताकि भारतीय कंपनियों को अपने उत्पादों और सेवाओं का निर्यात करने में आसानी हो।
अमेरिका की मांगें
अमेरिका ने भी भारत के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
भारतीय बाजार में प्रवेश: अमेरिका चाहता है कि भारत अपने बाजार में अमेरिकी कंपनियों को प्रवेश दे, ताकि वे अपने उत्पादों और सेवाओं का व्यापार कर सकें।
निवेश में वृद्धि: अमेरिका चाहता है कि भारत अपने यहां निवेश में वृद्धि करे, ताकि अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश कर सकें।
व्यापार समझौते की समीक्षा
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की समीक्षा के लिए कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है।
निष्कर्ष
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा जब तक कि उसकी मांगें पूरी नहीं होतीं। अमेरिका भी अपनी मांगें रख रहा है, लेकिन भारत अपने कृषि और सेवा क्षेत्रों की रक्षा करना चाहता है। व्यापार समझौते की समीक्षा के लिए कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है।
संपादक जम्पर मीडिया (Jumper Media).
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