Ram Temple Trust Key Official Champat Rai Steps Down Amid Donation Row: Sources

राम मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी चंपत राय ने दान विवाद के बीच पद छोड़ दिया: सूत्र

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी चंपत राय ने दान विवाद के बीच पद छोड़ दिया है। सूत्रों के अनुसार, राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और ट्रस्ट के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दे दी गई है।

दान विवाद क्या है?

हाल ही में, राम मंदिर ट्रस्ट पर दान के नाम पर धन संग्रहण के आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि ट्रस्ट द्वारा दान के नाम पर संग्रहित किया गया धन वास्तविक रूप से मंदिर निर्माण के लिए नहीं बल्कि अन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जा रहा था। इस विवाद के बाद, ट्रस्ट के अधिकारियों ने दान के नाम पर संग्रहित किए गए धन का ऑडिट कराने का निर्णय लिया था।

चंपत राय का इस्तीफा

चंपत राय, जो राम मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी थे, ने दान विवाद के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, राय ने अपने इस्तीफे में कहा है कि वे ट्रस्ट के लिए काम करते हुए अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह से निभाने में असमर्थ महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे ट्रस्ट के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दे दी है और अपने इस्तीफे को स्वीकार करने का अनुरोध किया है।

ट्रस्ट की प्रतिक्रिया

राम मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय के इस्तीफे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के अन्य सदस्यों ने राय के इस्तीफे को स्वीकार करने का निर्णय लिया है। ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा है कि वे राय के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट के काम को सुचारु रूप से चलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने चंपत राय के इस्तीफे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्षी नेताओं ने कहा है कि राय का इस्तीफा दान विवाद के बाद ट्रस्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। उन्होंने मांग की है कि सरकार को ट्रस्ट के काम की जांच करनी चाहिए और दान के नाम पर संग्रहित किए गए धन का ऑडिट कराना चाहिए।

निष्कर्ष

चंपत राय का इस्तीफा राम मंदिर ट्रस्ट के लिए एक बड़ा झटका है। ट्रस्ट को अब नए सिरे से अपने काम को सुचारु रूप से चलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। विपक्षी दलों की मांग पर सरकार को भी ट्रस्ट के काम की जांच करनी चाहिए और दान के नाम पर संग्रहित किए गए धन का ऑडिट कराना चाहिए। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है और ट्रस्ट कैसे इस संकट से निपटता है।


संपादक जम्पर मीडिया (Jumper Media).

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ