"पेलेट शार्ड्स स्किन से चिपके हुए": अस्पताल रिपोर्ट दिल्ली पुलिस के दावे का खंडन करती है
दिल्ली पुलिस के दावे के विपरीत, सफदरजंग अस्पताल की रिपोर्ट में मरीज के मामले की जांच के दौरान यह पाया गया कि उसकी त्वचा पर पेलेट शार्ड्स चिपके हुए थे। यह रिपोर्ट दिल्ली पुलिस के उस दावे का खंडन करती है जिसमें उन्होंने कहा था कि मरीज को पेलेट गन से नहीं मारा गया था।
मामले की जांच रिपोर्ट
सफदरजung अस्पताल की रिपोर्ट में मरीज के मामले की जांच के दौरान यह पाया गया कि उसकी त्वचा पर पेलेट शार्ड्स चिपके हुए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि मरीज की त्वचा पर घावों के आसपास कालापन था, पेलेट शार्ड्स त्वचा से चिपके हुए थे और प्रभाव स्थलों पर संवेदनशीलता थी। यह रिपोर्ट दिल्ली पुलिस के उस दावे का खंडन करती है जिसमें उन्होंने कहा था कि मरीज को पेलेट गन से नहीं मारा गया था।
दिल्ली पुलिस का दावा
दिल्ली पुलिस ने पहले दावा किया था कि मरीज को पेलेट गन से नहीं मारा गया था। उन्होंने कहा था कि मरीज की मौत किसी अन्य कारण से हुई थी। लेकिन सफदरजंग अस्पताल की रिपोर्ट ने दिल्ली पुलिस के इस दावे का खंडन कर दिया है।
मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया
मानवाधिकार संगठनों ने दिल्ली पुलिस के दावे की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली पुलिस को अपने दावे के लिए माफी मांगनी चाहिए और मरीज के परिवार को न्याय दिलाने के लिए कदम उठाने चाहिए।
सरकार की प्रतिक्रिया
सरकार ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मामले की जांच कर रही है और दिल्ली पुलिस के दावे की जांच कर रही है।
निष्कर्ष
सफदरजंग अस्पताल की रिपोर्ट ने दिल्ली पुलिस के दावे का खंडन कर दिया है। यह रिपोर्ट यह साबित करती है कि मरीज को पेलेट गन से मारा गया था। यह मामला दिल्ली पुलिस की विश्वसनीयता को कम कर देगा और सरकार को इस मामले में कदम उठाने होंगे।
संपादक जम्पर मीडिया (Jumper Media).
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